दिनांक 26.12.2020 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार की नई रोशनी योजनान्तर्गत अल्पसंख्यक महिलाओं का दूसरे बैच का छह दिवसीय नेतृत्व विकास प्रशिक्षण का समापन प्रमाण पत्र वितरण के साथ हो गया। इस अवसर पर प्रमाण पत्र वितरण व समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री रामबाबू मिश्रा ने कहा कि बच्चों की परिवरिश, उनकी शिक्षा और विकास का सम्पूर्ण दायित्व माताओं पर रहता है, एक जागरूक माता अपने बच्चे का समुचित पोषण और देखभाल कर पाती है। जिस परिवार में माताएं जानकर नही हैं उस परिवार में समस्याएं ज्यादा आती हैं। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष व चाइल्ड लाइन के निदेशक ने कहा कि खान-पान एवं पोषण सेवाओं की उपलब्धता से महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा, पोषण स्तर सुधारने के लिए प्रत्येक परिवार को पोषण वाटिका तैयार करना चाहिए जिससे बिना रासायनिक प्रयोग वाली ताजे फल व सब्जियां मिल सकें। श्री रत्नेश कुमार ने सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए धन्यवाद दिया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्री सोन कुमार के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री अमर बहादुर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए सभी को बधाई दी, और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। यूनिसेफ एक्शन एड की जिला समन्वयक सुश्री सबा फातिमा ने प्रतिभागियों को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजनाएं बताया और सभी को आत्म निर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। ग्राम प्रधान श्रीमती मुसीदा खातून ने प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया, कहा कि हमारे गांव की महिलाओं को इस प्रशिक्षण से बहुत ज्ञान मिला है। प्रशिक्षक श्री जियालाल, श्रीमती अंजली जायसवाल, श्री अवधेश कुमार, सुश्री वन्दना ने बताया कि छह दिनों में बेहतर स्वास्थ्य, परिवार सुरक्षा, परिवार कल्याण और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में प्रतिभागियों को बताया गया है, जो काफी हद तक महिलाओं ने समझा है। सीखी गई बातों को व्यवहार में लाने के लिए प्रशिक्षण के बाद भी फालोअप किया जायेगा। प्राथमिक विद्यालय भुडेहरी के प्रभारी अध्यापक श्री सुनील कुमार, आंगनवाड़ी कार्यकत्री श्रीमती संतोष कुमारी ने भी प्रतिभागियों को आत्म निर्भर बनने के लिए सम्बोधित किया। स्वयं सहायता समूहों की ग्राम संगठन की अध्यक्ष श्रीमती किरण ने भी स्वयं सहायता समूहों के द्वारा आत्म निर्भर बनने की योजनाओं के बारे में बताया। प्रतिभागी शबनम बानो, महक परवीन, किरन, जेबा, रूबी, गुलशन बानो आदि ने प्रशिक्षण को अपने जीवन का अहम दिन बताया। इस प्रशिक्षण को सम्पन्न कराने में संस्थान के कार्यकर्ता श्री अखिलेश कुमार, राम कैलाश का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर गांव की तमाम ग्रामीण महिलाएं भी उपस्थित रहीं।